सुकमा/ छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलवाद की जड़ों को हिलाने वाली एक नई तस्वीर सामने आई है,थाना जगरगुंडा अंतर्गत ग्राम पुवर्ती – जिसे नक्सली कमांडर माडवी हिडमा का गृहग्राम माना जाता है,वहीं अब सुरक्षा बलों ने अपनी मानवीय पहल से ग्रामीणों का दिल जीत लिया है।
दरअसल बीते 18 सितंबर को पुवर्ती की रहने वाली मांडवी सुक्की, पत्नी मांडवी कोसा, गर्भावस्था के दौरान अचानक तेज प्रसव पीड़ा से जूझने लगी, उसकी स्थिति गंभीर होती देख परिजनों ने मदद के लिए सुरक्षा बलों से संपर्क किया,महिला की हालात नाजुक होने पर 150वीं बटालियन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने तुरंत एम्बुलेंस की व्यवस्था कर महिला को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जगरगुंडा पहुंचाया,


समय पर इलाज मिलने की वजह से महिला और उसके नवजात दोनों की जान बच सकी, इस मानवीय कार्य ने न केवल एक परिवार की जिंदगी बचाई बल्कि गांव के सैकड़ों लोगों के बीच सुरक्षा बलों की सकारात्मक छवि को भी मजबूत किया,स्थानीय ग्रामीणों ने जवानों के इस त्वरित प्रयास को “जीवनदायिनी मदद” बताते हुए आभार व्यक्त किया,
आपको बता दें कि पुवर्ती गांव नक्सली कमांडर हिडमा का गृहग्राम है,यही वह इलाका है जहां दो साल पहले सुरक्षा बलों ने कैंप स्थापित कर नक्सलियों के गढ़ में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई थी, तब से अब तक इलाके में सुरक्षा विकास और विश्वास की नई कहानी लिखी जा रही है, आज जब इसी गांव से “मानवता और दोस्ती की मिसाल” पेश हुई है, तो यह साबित करता है कि बंदूक और बारूद के बीच भी इंसानियत की रोशनी फैल सकती है…..

