रायगढ़ /चक्रधर समारोह के दूसरे दिन आज न्यायधानी बिलासपुर से आई प्रख्यात कथक नृत्यांगना श्रीमती प्रियंका सलूजा ने अपनी अद्भुत प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके नृत्य की भाव-भंगिमाएँ, लय-ताल की सटीकता और भावपूर्ण अभिव्यक्ति ने कार्यक्रम में उपस्थित हर व्यक्ति का मन मोह लिया।
श्रीमती सलूजा कथक की घुंघरू पैरों में बांध लेने के बाद से नृत्य नहीं बल्कि पूजा के लिए नटराज को समर्पित करती है। कथक की भाव मुद्राओं के लिए श्रीमती प्रियंका में विशेष दक्षता है। उन्होंने कत्थक के माध्यम से दर्शकों के समक्ष एक मनमोहक प्रस्तुति दी। उनके द्वारा सर्वप्रथम गाइए गणपति जग वंदन गीत पर आधारित भगवान गणेश को समर्पित प्रस्तुति दी गई।


श्रीमती प्रियंका सलूजा कथक के रायगढ़ घराने की एक सुयोग्य नृत्यांगना है। विगत 10 वर्षों से वे अपने गुरु पद्मश्री रामलाल बरेठ एवं उनके सुपुत्र गुरु भूपेंद्र बरेठ से कथक का गहन प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।
उन्होंने इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ से कथक नृत्य में स्नातक की उपाधि ली। उसके बाद प्रावीण्यता के साथ स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की,उनके प्रदर्शनों में वर्ष 2025 में नाद मंजरी कार्यक्रम बिलासपुर, प्रज्ञोत्सव, भिलाई अखिल भारतीय संस्कृति संघ पुणे तथा देश राग वर्ष 2023 प्रमुख रूप से उल्लेखनीय है।



