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दुनिया के सबसे महंगे फाइटर जेट को खींचकर हैंगर में ले जाने का वीडियो वायरल-देखें वीडियो

नई दिल्ली /ब्रिटेन की रॉयल नेवी का एफ-35बी स्टेल्थ फाइटर जेट जो पिछले तीन हफ्तों से तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर खराबी के कारण खड़ा था अब उसे रनवे से हटाकर हैंगर में शिफ्ट कर दिया गया है,एफ-35 बी के हैंगर में शिफ्टिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है,

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विमान को केरल में ठीक करने की कई कोशिशों के बावजूद, फिफ्थ जेनरेशन का स्टील्थ फाइटर जेट इंजीनियरिंग की खराबी के कारण अभी तक जमीन पर ही खड़ा है,मामले से जुड़े सूत्रों ने पुष्टि की है कि विमान को फिर से उड़ान भरने के लिए तैयार करने की सभी कोशिशें अब तक फेल साबित हुई हैं,ऐसे में विमान को टुकड़ों में ले जाने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा है,

लगातार हो रही देरी के अलावा यूनाइटेड किंगडम से कोई भी इंजीनियरिंग टीम अभी तक भारत नहीं पहुंची है,सूत्रों ने बताया कि मरम्मत के लिए तीस इंजीनियरों के एक ग्रुप के तिरुवनंतपुरम पहुंचने की उम्मीद थी लेकिन वे अभी तक नहीं पहुंचे,

आपको बता दें कि एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स कैरियर स्ट्राइक ग्रुप का हिस्सा F-35B केरल के तट से 100 समुद्री मील दूर ऑपरेशन कर रहा था, जब खराब मौसम और फ्यूल की कमी के कारण विमान को इमरजेंसी हालात में तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर लैंड कराया गया,भारतीय वायु सेना ने सुरक्षित लैंडिंग में मदद की और फ्यूल भरने से लेकर रसद पहुंचाने में सहायता की,

साल 2019 में पहली बार एक एफ-35 को पंख हटाकर C-17 विमान से फ्लोरिडा से यूटा भेजा गया था,ऐसे किसी भी ऑपरेशन में हर पुर्जे को सुरक्षा कोड दिया जाता है ताकि तकनीकी चोरी रोकी जा सके,स्टेल्थ तकनीक लीक होने से सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर गंभीर खतरे पैदा हो सकते हैं,

जेट को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की सुरक्षा में हवाई अड्डे के बे 4 में पार्क किया गया था,शुरुआत में ब्रिटिश रॉयल नेवी ने केरल में मानसून की बारिश के बावजूद जेट को हैंगर में ले जाने के एयर इंडिया के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था बाद में ब्रिटिश नौसेना ने जेट को हैंगर में ले जाने पर सहमति जताई,

एफ-35बी की कीमत 110 मिलियन डॉलर (करीब 900 करोड़ रुपये) से ज्यादा है और इसे दुनिया के सबसे महंगे फाइटर जेट्स में गिना जाता है,इसमें इस्तेमाल की गई स्टेल्थ तकनीक को बेहद गोपनीय माना जाता है,जेट के हर हिस्से को खोलने और पैक करने की प्रक्रिया ब्रिटिश मिलिट्री की सख्त निगरानी में होती है,,