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डेढ़ किलो सोने के चक्कर में हुई थी चोरी,परन्तु पुलिस के सटीक विवेचना और cctv के कारण पकड़ा गया आरोपी…..

रायगढ़/रायगढ़ पुलिस ने श्याम मंदिर में चोरी की संगीन वारदात की गुत्थी सुलझाने में महत्वपूर्ण कामयाबी अर्जित की है,दस दिनों तक लगातार बिना रुके, बिना थके रायगढ़ पुलिस की मेहनत मशक्कत का फल मिला, जब पुलिस टीम ने शातिर चोर सहित गिरोह के सभी सदस्यों को दबोच लिया और उसके पास से चोरी गए सभी आभूषण सुरक्षित बरामद कर लिया गया, शहर के बीचोंबीच स्थित श्याम मंदिर में हुई चोरी की घटना ने रायगढ़ पुलिस की कार्यक्षमता को चुनौती दे डाली थी,

मामले का खुलासा करते हुए बिलासपुर रेजं पुलिस महानिरीक्षक डॉ० संजीव शुक्ला ने प्रेस को बताया कि चोरी की वारदात के मुख्य आरोपी सारथी यादव उर्फ भोट यादव को पुलिस छत्तीसगढ़ ओडि़शा बार्डर के पास पुलिस के गिरफ्त में आया,जिसके कबूलनामे के बाद उसके अपराध में सहयोगी लोगो तक पुलिस पहुची, आरोपी ने पत्नी और दोस्तों के साथ मिलकर अंजाम दिया, सुनियोजित षड्यंत्र के तहत चोरी का माल बांटा और छिपाया,

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चोरी की वारदात के मुख्य आरोपी सारथी यादव उर्फ भोट यादव ने पुलिस को बताया कि कुछ साल पहले उसने मंदिर में एक पोस्टर देखा था जिसमे लिखा था कि श्याम बाबा को डेढ़ किलो सोने के जेवर पहनाये गए है, जिसे जानकार उसने वहां चोरी का प्लान बनाया और दो बार चोरी करने की कोशिश भी,पर भीड़-भाड़ होने के कारण असफल रहा, और तीसरे बार चोरी करने में सफल रहा,परन्तु पुलिस के सटीक विवेचना और cctv के कारण पकड़ा गया,

पुलिस के पूछ-ताछ में सारथी यादव ने बताया कि वह 13 जुलाई को सरिया से बस से रायगढ़ आया,

दिनभर मंदिर की रेकी की,रात को बारिश के दौरान मंदिर में घुसा,

आभूषण और नकदी चुराकर रेल लाइन के रास्ते बीस किलोमीटर पैदल भागा और दियाडेरा पहुंचकर पत्नी नवादाई को फोन किया,

साथी मानस भोय मोटरसाइकिल लेकर पहुंचा, वापस गांव जाकर साजिश में उपेन्द्र भोय, विजय उर्फ बिज्जु प्रधान और दिव्य प्रधान को शामिल किया,

पुलिस ने सभी आरोपियों की निशानदेही पर चोरी गया सारा माल बरामद कर लिया गया। जिसमें शामिल हैं-

  • सोने का मुकुट, हार, गलपटिया, कुण्डल
  • 4 नग सोने के छत्तर
  • 10,000 रुपये नकद
  • चोरी में इस्तेमाल लोहे का रॉड
  • बजाज प्लेटिना मोटरसाइकिल
  • संतरा रंग की टी-शर्ट (वारदात के समय पहनी गई)

कुल बरामद संपत्ति का मूल्य: 26.80 लाख रुपये

गिरफ्तार आरोपी:
  1. मुख्य आरोपी सारथी यादव (33)
  2. नवादाई यादव (28)
  3. मानस भोय (23)
  4. उपेन्द्र भोय (30)
    (सभी ग्राम ठेंगागुड़ी, थाना सरिया, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़)
  5. दिव्य किशोर प्रधान (34), ग्राम धुनीपाली, जिला बरगढ़, उड़ीसा
  6. विजय उर्फ बिज्जु प्रधान (34), ग्राम बड़माल, थाना भठली, बरगढ़, उड़ीसा, मामले में कोतवाली पुलिस ने मुख्य आरोपी सारथी यादव उर्फ भोट यादव सहित सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर अब आगे की कार्यवाई शुरू कर दी है,वही आईजी डॉ. संजीव शुक्ला ने इस केस को सुलझाने वाली टीम को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। 

https://youtu.be/rGxq28opgiM?si=dQkGWpqMbJqth0bi

इस सनसनीखेज मामले के खुलासे में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश मरकाम, नगर पुलिस अधीक्षक अनिल विश्वकर्मा, निरीक्षक सुखनंदन पटेल, राकेश मिश्रा, प्रशांत राव, मोहन भारद्वाज, उप निरीक्षक गिरधारी साव, साइबर सेल प्रधान आरक्षक राजेश पटेल, दुर्गेश सिंह, आरक्षक बृजलाल गुर्जर, रेनू मंडावी थाने के लोमेश राजपूत सतीष पाठक खिरेन्द्र जलतारे हेमप्रकाश सोन बनारसी सिदार बालचंद्र मोहन राव, दिलीप भानू, श्रीराम साहू,  साइबर सेल के आरक्षक धनजय कश्यप, पुष्पेन्द्र जाटवर, महेश पण्डा, प्रशांत पण्डा, रविन्द्र कुमार गुप्ता, विकम सिंह, सुरेश सिदार, विकास प्रधान, प्रताप शेखर बेहरा, गजेन्द्र प्रधान, नवीन शुक्ला, ACCU जिला बिलासपुर के आरक्षक सतीश भारद्वाज, तबीर सिंह, थानों के आरक्षक अभिषेक द्विवेदी उत्तम सारथी संदीप मिश्रा मनोज पटनायक कमलेश यादव रोशन एक्का, भगवती रत्नाकर, चुड़ामड़ी गुप्ता, संदीप कौशिक, मिनकेतन पटेल, लखेश्वर पुरसेठ, विनय तिवारी, धनुर्जय बेहरा, ओशनिक विश्वाल, कोमल तिवारी, शशि साहू, संजय केरकेट्टा, अमर मिर्धा, विनोद शर्मा, गणेश पैंकरा, डॉग हैंडलर राजेन्द्र मरावी और विरेन्द्र अनंत ने की इस बहुचर्चित मामले के पर्दाफाश में अथक मेहनत की।