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डिजिटल तकनीक से बालको ने स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग को दी नई रफ्तार


कोरबा| 30 जनवरी 2026
वेदांता समूह की प्रमुख कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने डिजिटल तकनीक के व्यापक उपयोग से अपने औद्योगिक संचालन को नई दिशा दी है। सप्लाई चेन से लेकर पॉटलाइन, कास्ट हाउस, रोल्ड प्रोडक्ट्स और कार्बन यूनिट तक डिजिटल समाधानों को अपनाकर बालको ने सुरक्षा, गुणवत्ता, पारदर्शिता और प्रचालन दक्षता को एक नया आयाम दिया है।


यह पहल न केवल उत्पादन को अधिक स्मार्ट और तेज बनाती है, बल्कि जिम्मेदार एवं सतत औद्योगिक विकास के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को भी मजबूती से दर्शाती है।

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भविष्य की फैक्ट्री, आज की तकनीक


आज के वैश्विक धातु उद्योग में डिजिटल बदलाव अनिवार्य हो चुका है। बालको की यह रणनीति वेदांता समूह के उस विज़न के अनुरूप है, जिसमें तकनीक-आधारित इंटेलिजेंस से भविष्य के लिए तैयार प्रचालन प्रणालियों का निर्माण किया जा रहा है।
‘क्वालिटी संकल्प ऐप’ से रियल-टाइम क्वालिटी कंट्रोल
गुणवत्ता और ग्राहकों के भरोसे को और मजबूत करने के लिए बालको ने ‘क्वालिटी संकल्प ऐप’ लॉन्च किया है।


इस ऐप के माध्यम से कर्मचारी शॉपफ्लोर पर ही:
गुणवत्ता संबंधी डेटा रियल-टाइम में दर्ज कर सकते हैं
मशीनों की स्थिति और स्वास्थ्य की निगरानी कर सकते हैं
सुरक्षा और पर्यावरण (HSE) से जुड़ी जानकारी साझा कर सकते हैंइससे समस्याओं की त्वरित पहचान और तत्काल समाधान संभव हो पा रहा है।


डिजिटल लैब से बेहतर गुणवत्ता और पर्यावरण संरक्षण


बालको ने अपनी कोयला प्रयोगशाला को पूरी तरह डिजिटल बना दिया है। अब नमी, राख, सल्फर जैसे महत्वपूर्ण परीक्षण स्वतः रिकॉर्ड होते हैं।


इस डिजिटल व्यवस्था से:उत्पादन गुणवत्ता में सुधार
पर्यावरणीय प्रदर्शन सुदृढ़
डेटा-आधारित सटीक निर्णय संभव हो रहे हैं
सुरक्षा को प्राथमिकता: 24×7 डिजिटल निगरानी
सुरक्षा के क्षेत्र में बालको ने:
डिजिटल कन्सीक्वेंस मैनेजमेंट पोर्टल शुरू किया
असुरक्षित कार्यों और जोखिमों की समय रहते पहचान
24×7 कर्मचारी व्यवहार निगरानी प्रणाली के जरिए कार्यस्थल और वाहन संचालन पर सतत नजर


ऑटोमेशन से बढ़ी पारदर्शिता और सटीकता


मेटल ऑपरेशंस में उत्पादन और खपत से जुड़ी जानकारी अब पूरी तरह ऑटोमेटेड है। इससे:
मैनुअल काम में कमी
रिपोर्टिंग में अधिक सटीकता
डेटा तुरंत उपलब्ध


बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा—
“बालको में डिजिटल तकनीक सिर्फ मशीन या सॉफ्टवेयर नहीं है, बल्कि यह पारदर्शिता, जिम्मेदारी और निरंतर सुधार की संस्कृति है। इन पहलों से हमारी गुणवत्ता, सुरक्षा और गवर्नेंस और मजबूत हुई है। हम भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हर प्रक्रिया को डिजिटल बना रहे हैं।”