रायगढ़ /रायगढ़ शहर डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर साइबर ठगों ने विद्युत विभाग के सेवानिवृत्त परिवेक्षक से 36.97 लाख रुपये की ठगी, साइबर थाना रायगढ़ में अपराध दर्ज,शिकायतकर्ता के साइबर थाना आने पर 2 लाख कराया गया होल्ड, दरअसल जिले में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है,

जिसमें अज्ञात साइबर ठगों ने खुद को टेलीकॉम अधिकारी, पुलिस अधिकारी और सीबीआई अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाते हुए विद्युत विभाग के एक सेवानिवृत्त परिवेक्षक से 36,97,117 रुपये की ठगी कर ली,पीड़ित द्वारा 17 फरवरी 2026 को साइबर पुलिस थाना रायगढ़ में लिखित आवेदन देकर घटना की शिकायत दर्ज कराई गई है,
जिस पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 02/2026 धारा 308(6), 318(4) भारतीय न्याय संहिता एवं 66(D) आईटी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है।
मामले में पीड़ित ने बताया कि वह जनवरी 2022 में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत परेषण कंपनी से परिवेक्षक (Supervisor) के पद से सेवानिवृत्त हुआ है,घटना दिन 14 जनवरी 2026 को उसके मोबाइल पर एक अज्ञात महिला का कॉल आया,
जिसने स्वयं को टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) से संबंधित बताते हुए कहा कि उसके पहचान पत्र का उपयोग कर जियो कंपनी का मोबाइल नंबर लेकर गलत गतिविधियां की जा रही हैं, इसके बाद कॉल को तथाकथित टेलीकॉम अधिकारी एवं दिल्ली के बारह खंभा रोड पुलिस स्टेशन के फर्जी अधिकारी से कनेक्ट कराया गया, जिन्होंने पीड़ित को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने और गिरफ्तारी की धमकी दी।
इसके बाद एक अन्य व्यक्ति ने वीडियो कॉल कर स्वयं को IPSअधिकारी नीरज ठाकुर बताया और पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाते हुए कहा कि उसके खिलाफ गंभीर अपराध दर्ज है और उसे जांच में सहयोग करना होगा, ठगों ने पीड़ित से उसके बैंक खाते, संपत्ति और अन्य वित्तीय जानकारी ली तथा यह कहकर अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवाई कि जांच पूरी होने के बाद राशि वापस कर दी जाएगी।
ठगों की धमकी और दबाव में आकर पीड़ित ने 30 जनवरी से 11 फरवरी 2026 के बीच कुल 36,97,117 रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए,बाद में परिजनों को जानकारी होने पर उन्हें ठगी का अहसास हुआ, जिसके बाद साइबर थाना में शिकायतकर्ता आने पर तत्काल रिपोर्ट करने पर लगभग 2 लाख रुपये होल्ड कराया गया,
मामले में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक नासिर खान में पीड़ित को बताया कि वे जितनी जल्दी शिकायत लेकर थाने आते या नेशनल साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करते तो उनके रुपए हॉल कराया जा सकता था,पीड़ित के रिपोर्ट पर रायगढ़ साइबर थाने द्वारा बैंक खातों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की विस्तृत जांच की जा रही है,




