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जेल गेट पर हंगामा-लेडी कांस्टेबल से अमानवीयता करने वाले ‘चेहरे’ आए सामने,गिरफ्तार आरोपियों को जेल दाखिल करने पहुचीं थी पुलिस….


रायगढ़ / रायगढ़ जिले के तमनार में जनसुनवाई के विरोध को लेकर आंदोलन के दौरान हुई हिंसक झड़प में एक महिला पुलिसकर्मी के साथ हुए अमानवीय कृत्य के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों उपद्रवियों को न्यायालय में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया,

वहीं, जेल ले जाने के दौरान घटना से आक्रोशित दर्जन भर से अधिक महिला पुलिसकर्मियों ने वाहन को जेल के गेट के सामने रोक दिया था तथा आरोपियों का जुलूस निकालने की मांग कर रहे थे, मामले को लेकर काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही जिस पर आला अधिकारियों ने पहुंच कर उन्हें समझाईश देते हुए किसी तरह शांत कराया,

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दरअसल  तमनार में जनसुनवाई के विरोध में चले अंदोलन के दौरान 27 दिसंबर को ग्रामीण और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प के दौरान कुछ उपद्रवी तत्वों ने महिला पुलिस कर्मी के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए न केवल उसके साथ मारपीट की बल्कि कपड़े भी फाड़ दिये,वही इस दौरान कुछ लोग मौके पर महिला आरक्षक को बचाने के बजाये उसका वीडियों बनाते रहे। 

इस वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस ने पीडि़ता की ओर से तमनार थाने में आरोपियों के विरूद्ध एलसीजी की धारा 67 ए सहित बीएनएस की धारा 109 (1), 115 (2), 132, 221, 296, 309, 351 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया था, वहीं इस मामले में वीडियो फुटेज में दिख रहे आमगांव निवासी मंगल राठिया उर्फ करम राठिया तथा चिनेश खम्हारी को गिरफ्तार किया है,दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

महिला पुलिस कर्मी से अभद्र व्यवहार करने के मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों को जेल दाखिल करने के दौरान घटना से आक्रोशित दर्जन भर से अधिक महिला पुलिस कर्मी जेल परिसर पहुंचे और पुलिस गाड़ी को रोक दिया। महिला आरक्षक आरोपियों को उनके सामने पेश करने तथा उनका जुलूस निकालने की मांग कर रही थीं,

काफी देर तक जिला जेल के सामने हंगामे की स्थिति बनी रही,वहीं मामले की सूचना मिलने पर सीएसपी मयंक मिश्रा व डीएसपी सुशांतो बनर्जी मौके पर पंहुचे और गुस्साए महिला पुलिसकर्मियों को समझाईश देते हुए उपद्रवियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने के लिए आश्वस्त किया जिसके बाद मामला शांत हुआ और आरोपियों को जेल दाखिल कराया जा सका। 

वहीं पुलिस ने घटना दिनांक से लेकर अब तक लगभग 14 से अधिक एफआईआर दर्ज किये है, दूसरी तरफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर आंदोलन में शामिल ग्रामीणों ने प्रेस नोट जारी कर स्पष्ट किया है कि महिला पुलिस से मारपीट मामले में 14 गांव के लोगों का कोई लेना-देना नहीं है,ग्रामीणों ने आरोपियों की पहचान उजागर करने और उन्हें गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की मांग भी की है।