जशपुर/ ‘जादुई कलश’ के नाम पर चल रहे करोड़ों के ठगी रैकेट का जशपुर पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो 2021 से 2024 तक भोले-भाले ग्रामीणों को लालच देकर उनकी जमा-पूंजी लूट रहे थे, बताया जा रहा हैं कि इस स्कैम के जाल में हजारों लोग फंसे, जिन्हें विदेशी बाजार में अरबों की कमाई का झांसा देकर सदस्यता शुल्क के नाम पर ठगा गया,फिलहाल अब तक 1 करोड़ 94 लाख रुपए की ठगी सामने आई है, जो संभावित रूप से 3 करोड़ तक पहुंच सकती है,
मामले का खुलासा तब हुआ, जब कांसाबेल थाना क्षेत्र के ग्राम चिड़ौरा की 33 वर्षीय अमृता बाई ने 7 सितंबर 2025 को पत्थलगांव थाने में शिकायत दर्ज कराई, अमृता ने बताया कि वह झांसे में आकर 25 हजार रुपए जमा कर चुकी थीं, लेकिन कोई अनुदान नहीं मिला,


दरअसल ठगी का यह खेल 2021 में शुरू हुआ, जब आरोपियों ने कोरबा जिले के मंडवारानी इलाके में एक ‘जादुई कलश’ मिलने की अफवाह फैलाई, जिसमे उन्होंने दावा किया कि यह कलश महंगे धातु से बना है और इसमें अलौकिक शक्तियां हैं, जैसे चावल को अपनी ओर खींच लेना और इसे भारत सरकार विदेश में बेचेगी, जहां इसकी कीमत अरबों रुपए होगी,
इसके लिए बाकायदा एक फर्जी कंपनी ‘आर.पी. ग्रुप’ बनाकर उन्होंने ग्रामीणों को झांसा दिया कि कलश की कमाई का अनुदान हर सदस्य को 1 से 5 करोड़ रुपए तक मिलेगा, लेकिन इसके लिए पहले सदस्यता शुल्क व सिक्योरिटी मनी और प्रोसेसिंग फीस के रूप में 25 हजार से 70 हजार रुपए जमा करने पड़ेंगे,और इस लालच में जशपुर, सरगुजा, कोरबा, रायगढ़ और बिलासपुर जिलों के हजारों ग्रामीण फंस गए, खासकर आदिवासी बहुल पिछड़े इलाकों में जहां लोग रोजी-रोटी के लिए संघर्ष करते हैं, कई ने अपनी जीवनभर की कमाई, खेत बेचकर या कर्ज लेकर रकम जमा की, इस सपने में कि उनकी गरीबी दूर हो जाएगी और जिंदगी बदल जाएगी, लेकिन हकीकत में यह सब एक सोची-समझी साजिश थी, ठगों ने इसके लिए मीटिंग्स आयोजित कर लोगों के भोलेपन और उम्मीदों का फायदा उठाया जिससे कई परिवार कर्ज के बोझ तले दब गए, पुलिस की जांच में पता चला कि ठगी की रकम 1.94 करोड़ से ज्यादा हो सकती है, क्योंकि कई पीड़ित शर्म या डर से अभी सामने नहीं आए हैं,



