नई दिल्ली /आंध्र प्रदेश के तट पर आज तड़के बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का लैंडफॉल शुरू हुआ, IMD के अनुसार यह प्रक्रिया रात करीब 1:20 बजे काकीनाडा के पास, यनम के दक्षिण में शुरू हुई,

दरअसल बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ आंध्र प्रदेश में तबाही मचाया है,भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि ‘अत्यंत भीषण’ चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के आंध्र प्रदेश तट से टकराने की प्रक्रिया बुधवार तड़के शुरू हुई,
यह तूफान आंध्र प्रदेश के तट पर बापटला और विशाखापत्तनम के बीच, यानम के दक्षिण के पास टकराया. इस दौरान हवा की गति 125-135 किमी प्रति घंटा थी, जो झोंकों के साथ 150 किमी प्रति घंटा तक पहुंच रही थी,
अधिकारियों ने बताया कि तूफान के तट से टकराने की प्रक्रिया आज रात लगभग 1:20 बजे शुरू हुई. तूफान की निरंतर हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जबकि झोंके 150 किमी/घंटे तक पहुंचे,
IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा: अगले चार घंटों तक चक्रवात में हवा की गति 125 से 135 किमी प्रति घंटा बनी रहेगी, जो झोंकों के साथ 150 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. चक्रवात का अगला हिस्सा पहले ही ज़मीन से टकरा चुका है और पूरी प्रक्रिया में लगभग चार घंटे लगेंगे. तूफान के प्रभाव से कई इलाकों में घरों की छतें उखड़ गईं, पेड़ गिर गए और निचले क्षेत्रों में समुद्री पानी घुस गया,

चक्रवात के प्रभाव से दक्षिण ओडिशा के कई जिलों (जैसे गजपति, गंजम, रायगढ़, कोरापुट आदि) में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, वहीं ओडिशा के दक्षिणी जिलों में भी तेज हवाओं और भारी बारिश का दौर जारी रहा है,
मौजूदा हालात को देखते हुए, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश समेत नौ राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है. पुडुचेरी में भी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं. चक्रवात के कारण सुरक्षा के मद्देनजर कई उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, और रेलवे ने भी 90 से ज्यादा ट्रेनें रद्द कर दी हैं.,
इसके अलावा, आंध्र प्रदेश, झारखंड और ओडिशा में स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं,दिल्ली-NCR क्षेत्र सहित कई राज्यों में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश होने की संभावना है. यह सिर्फ मौसम की चेतावनी नहीं है,
बल्कि यह तटीय इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों की सुरक्षा, आजीविका और बुनियादी ढांचे के लिए एक गंभीर चुनौती है. नागरिकों के लिए यह समझना जरूरी है कि तूफान कैसे और कितना तीव्र हो सकता है, इसका क्या असर हो सकता है, और प्रशासन ने क्या तैयारियां की हैं ताकि वे सही फैसले ले सकें,
चक्रवात के व्यापक प्रभाव के कारण, उत्तर, पूर्व और मध्य भारत के राज्यों में हवा की गति और बारिश की गतिविधियों में काफी वृद्धि होने की संभावना है,28 अक्टूबर को, दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में तेज हवाओं (40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार) के साथ आंधी-तूफान आ सकता है और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है,बिहार और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल वाले इलाकों में तेज हवाओं (4050 किमी/घंटा) के साथ बारिश होने का अनुमान है,
चक्रवात अर्नब के चलते आंध्र प्रदेश, ओडिशा और झारखंड जैसे राज्यों के कई जिलों में स्कूलों में 27 से 28 अक्टूबरछुट्टी घोषित की गई है. आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम, अनाकापल्ली, काकीनाडा, डॉ. बी.आर. अंबेडकर कोनसीमा, ईस्ट गोदावरी, कृष्णा, एनटीआर, विजयनगरम, एलुरु और पोलावरम सहित 10 जिलों में स्कूलों में 27 से 28 अक्टूबर और अनाकापल्ली में 29 अक्टूबर तक छुट्टी घोषित की गई है.
ओडिशा के गंजम, गजपति, रायगढ़ा, कोरापुट और मलकानगिरी सहित दक्षिणी जिलों में 28 और 29 अक्टूबर 2026 तक स्कूल, कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखे गए हैं. झारखंड में रांची समेत कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी के चलते 28 और 29 अक्टूबर को 12वीं कक्षा तक के स्कूलों को बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं.




