कोरबा। छत्तीसगढ़ कृषि स्नातक शासकीय कृषि अधिकारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारियों ने अपनी 7 सूत्रीय लंबित मांगों की पूर्ति के लिए एक बार फिर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है।
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि 15 सितम्बर 2025 को जिले के कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी (रा.) एवं तहसीलदार के माध्यम से शासन को ज्ञापन सौंपा गया था। इसके बावजूद आज तक मांगों पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है।

इसी के तहत आंदोलन के तृतीय चरण में दिनांक 23 सितम्बर 2025 को एक दिवसीय अवकाश लेकर जिला मुख्यालय में प्रातः 11 बजे से अपरान्ह 2 बजे तक धरना प्रदर्शन किया गया।

ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारियों की प्रमुख 7 सूत्रीय मांगें –
- वेतनमान संशोधन – 4300 ग्रेड पे की स्वीकृति।
- कार्य क्षेत्र का पुनर्निधारण – ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी एवं उद्यान विकास अधिकारी।
- मासिक स्थायी भत्ता (Fix TA) में वृद्धि – रु. 2500 तक।
- संसाधन भत्ता – मोबाइल, इंटरनेट, लैपटॉप व स्टेशनरी हेतु।
- अतिरिक्त क्षेत्र भत्ता – विभागीय अमले की कमी के कारण दिये गए अतिरिक्त प्रभार पर।
- पदनाम संशोधन – मध्यप्रदेश शासन की तर्ज पर ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी का नाम बदलकर उद्यान विस्तार अधिकारी किया जाए।
- पदोन्नति प्रक्रिया प्रारंभ – ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी से उद्यान विकास अधिकारी पद पर लम्बित पदोन्नति तत्काल की जाए।
कर्मचारियों का कहना है कि यह आंदोलन कर्मचारी व कृषक हित में है और यदि शासन ने शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की तो आंदोलन को आगे और उग्र रूप दिया जाएगा।



