कोरबा। जमीन माफियाओं पर आखिरकार प्रशासन का बुलडोज़र चल ही गया। नगर निगम क्षेत्र के मानिकपुर डिपरापारा (वार्ड 33) में करीब 1 एकड़ की करोड़ों की शासकीय भूमि को प्रशासन ने बलपूर्वक कब्जे से मुक्त करा लिया। कार्रवाई के बाद भूमि पर सरकारी बोर्ड लगाकर स्पष्ट कर दिया गया है कि यह जमीन अब किसी की निजी मिल्कियत नहीं, शासन की संपत्ति है।
इस कार्रवाई से कुख्यात जमीन दलालों — कांग्रेस के पूर्व पार्षद सीताराम चौहान, लक्ष्मण लहरे, राजू सिमोन और सोनू जैन — में हड़कंप मच गया है। कुछ दिन पूर्व ही इन चारों पर अवैध कब्जे और धमकी के मामले में FIR दर्ज की गई थी, लेकिन शिकायतकर्ताओं की मांग है कि इन पर नए सिरे से कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

💥 सरकारी जमीन पर माफियाओं का आतंक
मानिकपुर डिपरापारा की खसरा नंबर 1125 वाली भूमि लंबे समय से इन भू-माफियाओं के कब्जे में थी।
सूत्रों के मुताबिक, इन लोगों ने इस सरकारी जमीन पर जेसीबी चलवाकर बलपूर्वक कब्जा जमाया, और बाद में प्लॉट काटकर करोड़ों में बेचने की तैयारी में थे।
प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि ये चारों मिलकर फर्जी दस्तावेज़ बनवाकर शासकीय भूमि की खरीद-बिक्री कर रहे हैं।
⚡ शिकायत करने वालों को धमकाते थे दलाल
स्थानीय लोगों के मुताबिक, जब दादर खुर्द और आसपास के नागरिकों ने इसका विरोध किया, तो इन दलालों ने गाली-गलौच और जान से मारने की धमकी तक दे डाली।
यहां तक कि एक महिला पार्षद को भी भूमि कब्जा रोकने पर अपशब्द कहे गए और धमकाया गया।
उस शिकायत पर भी पहले 21 अवैध घरों में से 10 घरों को बेजा कब्जे से मुक्त कराया गया था, जबकि शेष को चेतावनी के बाद समयसीमा अब समाप्त होने को है।
🏛️ प्रशासन की सख्ती से मचा हड़कंप
एसडीएम सरोज महिलांगे ने बताया कि बार-बार शिकायतें आने के बाद टीम गठित कर मंगलवार को निर्णायक कार्रवाई की गई।
लगभग 1 एकड़ सरकारी भूमि कब्जा मुक्त कराई गई और उस पर शासन के बोर्ड लगाए गए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस पर अवैध निर्माण न कर सके।
उन्होंने कहा —
“अब यह जमीन शासन की है, और इसका उपयोग सार्वजनिक हित में किया जाएगा।
जो भी व्यक्ति शासकीय भूमि पर कब्जा करेगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उस पर कठोर कानूनी कार्यवाही की जाएगी।”
🚨 भू-माफियाओं में मचा भगदड़
इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके के अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया है।
अब प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि शासकीय भूमि पर कब्जा करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
फर्जी खरीद-फरोख्त करने वालों पर भी निगरानी रखी जा रही है और अगले चरण में और जमीनों पर कार्रवाई की संभावना है।
🔴 कोरबा प्रशासन की यह सख्त कार्रवाई न केवल अवैध कब्जाधारियों के लिए चेतावनी है, बल्कि यह संदेश भी कि अब सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों की खैर नहीं। चाहे वह कोई भी हो — पद, पैसा या राजनीति — कानून सबके लिए बराबर है।


