जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए सुबह 5 बजे दो नए गेट (गेट नंबर 03 और 09) खोले गए।
2. गेट खोले जाने का विवरण:

· गेट संख्या 5: 1.50 मीटर
· गेट संख्या 6: 1.50 मीटर
· गेट संख्या 4: 1.00 मीटर
· गेट संख्या 8: 1.00 मीटर
· गेट संख्या 3: 0.50 मीटर
· गेट संख्या 9: 0.50 मीटर
सभी गेटों से कुल 34,988 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
· हाइड्रेल पावर प्लांट से अतिरिक्त 9,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
· कुल 43,988 क्यूसेक पानी हसदेव नदी में प्रवाहित किया जा रहा है ।
· वर्तमान जलस्तर: 358.11 मीटर (बांध की कुल क्षमता 359.66 मीटर है, जो लगभग 90.71% भराव का संकेत देता है) ।
· निगरानी और अलर्ट: बांध प्रबंधन द्वारा लगातार जलस्तर की निगरानी की जा रही है। आसपास के 32-34 गांवों में अलर्ट जारी किया गया है और मुनादी के माध्यम से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी गई है ।
पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष बांध में जलभराव तेज़ी से हुआ है। रबी सीजन में जलस्तर मात्र 25% था, लेकिन लगातार बारिश के कारण यह बढ़कर 90% पहुँच गया है ।
· नदी किनारे के गांव: हसदेव नदी के किनारे बसे गांवों जैसे बांगो, लेपरा, नुनिया, कछार, और कोनकोना आदि में बाढ़ का खतरा बना हुआ है ।
· प्रशासनिक तैयारियाँ: प्रशासन द्वारा अतिरिक्त पानी छोड़े जाने की स्थिति में बैराज (दर्री बांध) के गेट खोलने की भी तैयारी की जा रही है। छोड़ा गया पानी दर्री बांध तक पहुँचने में 8-10 घंटे का समय लेगा ।
· बांगो हाइडल प्लांट की सभी 3 यूनिट्स (प्रत्येक 40 मेगावाट) पूरी क्षमता से चल रही हैं, जिससे 120 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। इससे प्लांट से 9,000 क्यूसेक पानी अतिरिक्त छोड़ा जा रहा है ।
· बारिश की स्थिति के आधार पर अन्य गेट खोले जा सकते हैं। जलस्तर की निरंतर निगरानी की जा रही है ।
· नदी किनारे रहने वाले निवासियों को सतर्क रहने और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है ।


