रायगढ़ / रायगढ़ जिले में एक बार फिर बाघ की मौजूदगी की आहट ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है, इस बार लैलूंगा क्षेत्र के जंगलों के साथ साथ घरघोड़ा के खेतों में बाघ जैसे पैरों के निशान देखे गए हैं, सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरे दिन पदचिन्हों की ट्रैकिंग करती रही, हालांकि अभी तक बाघ को प्रत्यक्ष रूप से किसी ने देखा नहीं है,

दरअसल जिले में घरघोड़ा के केनापारा गांव में शेर जैसे जंगली जानवर के ताज़ा पदचिह्न मिलने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है,खेतों और कच्चे रास्तों पर मिले बड़े पंजों के निशान देखकर ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी, सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पदचिह्नों की बारीकी से जांच की,प्रारंभिक जांच में पदचिह्न शेर के होने की संभावना जताई जा रही है,


जांच में सामने आया कि पैरों का आकार करीब 16 सेंटीमीटर लंबा और 14 सेंटीमीटर चौड़ा है,वन अधिकारियों का अनुमान है कि यह बाघ पूरी तरह व्यस्क नहीं है, लेकिन लगभग वयस्क आकार का हो सकता है, वन विभाग की टीम ने इलाके में 8 से 10 किलोमीटर तक पैरों के निशानों का पीछा किया,दियापुर क्षेत्र में भी बाघ जैसे पदचिन्ह मिले लेकिन बाघ दिखाई नहीं दिया,

वन विभाग के लोगों ने कहा है कि यदि किसी जानवर के शिकार के सबूत मिलते हैं, तो इलाके में ट्रैप कैमरे लगाए जाएंगे ताकि बाघ की मौजूदगी की पुष्टि की जा सके, वही अधिकारियों ने ग्रामीणों से अफवाह न फैलाने और किसी भी नई जानकारी को तुरंत वन विभाग तक पहुंचाने की अपील की है,
वहीं विभाग ने बाघ की गतिविधि पर करीबी नजर बनाए रखी है, साथ ही वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों से सावधानी बरतने, खासकर रात के समय अकेले बाहर न निकलने की अपील की है, वन विभाग ने गांव के आसपास गश्त तेज कर दी है और जरूरत पड़ने पर पिंजरा लगाने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है, ताकि जंगली जानवर को सुरक्षित रूप से पकड़कर जंगल में छोड़ा जा सके।



