रायगढ़ /वाहन चोरी के एक मामले में शहर कोतवाली पुलिस ने गजब की तत्परता दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर साथी आरक्षक की चोरी गई स्कूटी को न केवल बरामद कर लिया बल्कि आरोपी को भी रेलवे स्टेशन के पास से धर दबोचा,और आरोपी के पास से चोरी की गई स्कूटी के साथ-साथ घटना के समय पहने गए कपड़े, जूते और मास्क भी जब्त कर लिया,काश कि यही तत्परता अन्य वाहन चोरी में होता तो कोई भी वाहन चोर शहर तो क्या पुरे जिले में वाहन चुराने का दुस्साहस नहीं कर पाते -??

दरअसल बीते दिनांक 11 जुलाई को जूटमिल थाना में पदस्थ आरक्षक लखेश्वर पुरसेठ, जो वार्ड क्रमांक 13, रामगुड़ी तेलीपारा रहते हैं, जो ड्यूटी से लौटने के बाद शाम लगभग 4 बजे अपनी सफेद रंग की स्कूटी (क्रमांक CG13AD7874) घर के बाहर खड़ी कर अंदर चले गए थे,

लेकिन जब वह करीब 4:45 बजे दोबारा ड्यूटी के लिए निकलने लगे तो उन्हें स्कूटी वहां से गायब मिली,जिसे आसपास खोजबीन और पूछताछ के बावजूद जब कुछ सुराग नहीं मिला तो उन्होंने तत्काल कोतवाली पुलिस को सूचना दी,
कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना स्थल पर पहुंचकर आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिनमें एक संदिग्ध युवक को स्कूटी ले जाते हुए देखा गया,फुटेज में नजर आए हुलिये के आधार पर तलाश शुरू की गई और कुछ ही घंटों में आरोपी रेलवे स्टेशन के पास घूमते हुए पकड़ में आ गया,
गिरफ्तार आरोपी की पहचान रूशीष प्रसाद पिता सत्यनारायण प्रसाद (उम्र 40 वर्ष), निवासी बिहारीपारा बुरोमाल, थाना झारसुगुड़ा, जिला झारसुगुड़ा (उड़ीसा) के रूप में हुई है,पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकारते हुए बताया कि उसने स्कूटी को रेलवे स्टेशन के पुराने पार्किंग एरिया में छिपाकर रखा है,
पुलिस ने उसके बताए अनुसार स्कूटी, वारदात के समय पहना हुआ शर्ट, जूते और मास्क बरामद कर जब्त कर लिया,और आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 333/2025 के तहत धारा 303(2) बीएनएस में मामला दर्ज करते हुए उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है,
इस सफलता में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक सुखनंदन पटेल के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक लोमेश राजपूत, आरक्षक मनोज पटनायक, कमलेश यादव और स्वयं शिकायतकर्ता आरक्षक लखेश्वर पुरसेठ की महत्वपूर्ण भूमिका रही,पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी साक्ष्यों के कुशल उपयोग की शहरभर में सराहना हो रही है,



