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उत्तर से आ रही ठंडी हवाओं ने छत्तीसगढ़ में एक बार फिर बढ़ा दी है ठिठुरन…

रायपुर /उत्तर से आ रही ठंडी हवाओं ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ में ठिठुरन बढ़ा दी है सरगुजा संभाग में कड़ाके की ठंड पड़ रही है,यहाँ अंबिकापुर में रात का तापमान गिरकर 7°C तक पहुंच गया है, तो इधर जशपुर और पेंड्रा इलाकों में सुबह-शाम लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं।

मौसम विभाग की माने तो आने वाले अगले 24 घंटों में प्रदेश के न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है,इसके बाद तापमान में 2-3°C की और गिरावट हो सकती है,तो वही पिछले 24 घंटों में राज्य का सबसे अधिक तापमान 29.9°C दुर्ग में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 7.8°C अंबिकापुर में दर्ज किया गया।

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इस बीच स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर चेतावनी दी है कि अचानक तापमान में उतार-चढ़ाव से हाइपोथर्मिया, सर्दी-जुकाम और वायरल फीवर का खतरा बढ़ सकता है, विभाग ने लोगों से अपील की है कि शीतलहर के दौरान, केवल आवश्यकता होने पर ही यात्रा करें और बाहर निकलते समय पूरी तरह गर्म कपड़े पहनें।

नवंबर महीना छत्तीसगढ़ में आमतौर पर ठंड की शुरुआत का समय होता है, लेकिन मौसम विभाग के रिकॉर्ड बताते हैं कि कभी यह महीना कड़कड़ाती ठंड लेकर आया तो कभी तेज गर्मी और बारिश का गवाह भी रहा।

मौसम विज्ञान केंद्र के पुराने आंकड़ों के अनुसार 2 नवंबर 1935 को अब तक का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 35.6°C दर्ज किया गया था। वहीं, 22 नवंबर 1883 को सबसे कम न्यूनतम तापमान 8.3°C दर्ज हुआ था जो अब तक नवंबर महीने की सबसे ठंडी रात मानी जाती है।

नवंबर में सबसे ज्यादा बारिश 1924 में हुई थी, जब पूरे महीने में 138.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी। इतना ही नहीं, 2 नवंबर 1930 को 24 घंटे के भीतर 70.4 मिमी बारिश हुई थी जो इस महीने के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा एकदिवसीय वर्षा रिकॉर्ड है।