रायगढ़/रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में जिंदल उद्योग को आवंटित गारे-पेलमा सेक्टर-1 कोल ब्लॉक के भू-अधिग्रहण और प्रस्तावित उत्खनन परियोजना को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है,यहाँ हाल ही में आयोजित जनसुनवाई के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध के बीच अब आक्रोश और बढ़ गया है,तमनार ब्लॉक में एनपीएल की कोयला खदान जनसुनवाई का आक्रोशित ग्रामीण अब खुलकर विरोध दर्ज करा रहे हैं।
आपको बता दें जनसुनवाई के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा इस कदर बढ़ गया है कि ग्रामीण द्वारा इसका समर्थन करने वालों को चप्पलों की माला पहनाई जा रही है, इसी बीच ग्रामीणों की भीड़ ने महिला को भी जूते-चप्पलों की माला पहनाकर विरोध जताया,जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है,इससे पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री सहित जिले के बड़े अधिकारियों के लिए अपशब्द का इस्तेमाल किया गया था।


मिली जानकारी के अनुसार, गारे-पेलमा सेक्टर-1 कोल ब्लॉक में 8 दिसंबर 2025 को प्रस्तावित जनसुनवाई को लेकर तमनार अंचल के 14 गांवों के ग्रामीण लगातार विरोध दर्ज कर रहे थे,ग्रामीणों ने धौराभांठा स्कूल मैदान में रातभर रतजगा कर प्रदर्शन किया लेकिन प्रशासन ने अचानक स्थल बदलकर बाजार क्षेत्र में जनसुनवाई आयोजित कर दी, जिससे ग्रामीण भड़के हुए हैं और लगातार जनसुनवाई का विरोध कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि उनकी सहमति के बिना जनसुनवाई आयोजित की गई और उनकी जमीन व हितों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है,वहीं प्रशासन का तर्क दिया है कि सुरक्षा कारणों से स्थल बदला गया है।
इससे पहले धौराभांठा में आयोजित जनसुनवाई के दौरान विरोध कर रहे ग्रामीणों में से एक व्यक्ति ने मंच से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, वित्त मंत्री ओपी चौधरी और जिला प्रशासन के अधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, इस घटना के बाद राजनीतिक तनाव बढ़ गया है और भाजपा नेताओं ने संबंधित व्यक्ति पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।



