रायगढ़ /रायगढ़ जिले में लगे मौत के कारखानों में बेगुनाह लोगों की मौत का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है,यहाँ आये दिन किसी न किसी प्लांट में बेगुनाह/अकुशल मजदुर की जान जा रही है,और उद्योग मालिक थोडा बहुत मुवावजा और चढ़ावा देकर मामले का निपटारा कर ले रहा है, आयेदिन होने वाले इन हादसों से न उद्योग मालिक सबक ले रहा है न जिला प्रशासन संज्ञान-??
इसी कड़ी अब अग्रोहा स्टील प्लांट के हिट एक्सचेंजर में काम कर रहा मजदूर युवक गर्म राख की चपेटमें आकर बुरी तरह झुलस गया और असमय ही अपनी प्राण गवा बैठा, दिल को दहला देने वाला यह हादसा पूंजीपथरा थाना क्षेत्र के इंस्ट्रीज पार्क का है,फ़िलहाल पुलिस घटना स्थल पहुचकर घटना की छानबीन में जुट गई है,और घटना की असलियत जानने के लिए तहकीकात कर रही है,


मामले में थाना प्रभारी राकेश मिश्रा ने बताया कि लैलूंगा के ग्राम चँवरपुर निवासी उमेश चौहान पिता उदल चौहान (19 वर्ष) पूंजीपथरा थानांतर्गत ग्राम पंचायत लाखा के गेरवानी से लगे ग्राम पाली स्थित अग्रोहा स्टील एंड पावर प्रायवेट लिमिटेड में बीते 3-4 महीने से बतौर मजदूर के तौर पर काम करते हुए प्लांट के ही लेबर कॉलोनी में रहा करता था,
कल अग्रोहा स्टील प्लांट के हिट एक्सचेंजर सेक्शन में उमेश गर्म राख खाली कर रहा था,इस दौरान गर्म राखड़ अचानक उमेश के ऊपर जा गिरा। पहले पहल तो मजदूर समझ नहीं पाया कि आखिर वह गर्म राख की चपेट में आया कैसे, मगर जब तक वह अपना बचाव कर पाता, इसके पहले वह बुरी तरह झुलसकर अधमरा हो गया। वहीं, हिट एक्सचेंजर में उमेश को गंभीर रूप से झुलसे देख आसपास काम कर रहे श्रमिकों के होश फाख्ते होते ही मारे डर के उनकी रूह तक कांप उठी। ऐसे में बदहवास कामगारों ने कंपनी प्रबन्धन को हादसे की सूचना दी तो पुलिस की मदद ली गई।

पूंजीपथरा थाना प्रभारी राकेश मिश्रा को घटना की भनक लगते ही उन्होंने सहायक उपनिरीक्षक जयराम सिदार और आरक्षक सतीश सिंह को तत्काल अग्रोहा स्टील प्लांट भेजा। पुलिस भी मौके का जायजा लेते हुए गंभीर उमेश को एम्बुलेंस से जब रायगढ़ के जिला चिकित्सालय लेकर गए तो डॉक्टर्स ने प्राथमिक परीक्षण में ही उसे मृत घोषित कर दिया। बहरहाल, गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव को शोकाकुल चौहान परिवार के सुपुर्द करने वाली पुलिस मर्ग कायम कर हादसे की जांच पड़ताल में जुटी है।
गरीब चौहान परिवार का चिराग यानी उमेश कुछ महीने पहले यह सोचकर अग्रोहा स्टील एंड पावर प्रायवेट लिमिटेड में काम करता था कि जवानी में खून-पसीना बहाने के बदले हुई कमाई से वह अपने परिजनों का हाथ बंटाते हुए उनकी आर्थिक सहायता करेगा, लेकिन इसके बदले में उसे अपनी जान गंवानी पड़ गई। जानकारों की माने तो हिट एक्सचेंजर में सुरक्षा व्यवस्था माकूल नहीं होने की वजह से उमेश हादसे का शिकार हुआ। यही वजह है कि उमेश की अकाल मौत के पीछे का सच खंगालने पुलिस ने अग्रोहा स्टील प्लांट में पूरी ऊर्जा झोंक दी है।



