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अगर तुम मेरी नहीं हो सकती तो किसी और की भी नहीं हो सकती कर कर शादी-शुदा सरफिरे आशिक ने अपनी माशूका का काट दिया गला,आरोपी पुलिस के गिरफ्त में…

दुर्ग /दुर्ग जिले के भिलाई से प्रेम प्रसंग का अजीबो गरीब मामला सामने आया है यहां एक सरफिरे शादी-शुदा आशिक ने अपनी माशूका को अंतिम बार मिलने बुलाया और उससे शादी करने का दबाव बनाया,जब प्रेमिका ने मना किया तो ब्लेड से लड़की के गले पर वार कर कर उसे लहू-लुहान कर दिया, जबकि आरोपी 3 महीने पहले दूसरी लड़की से शादी कर चूका है ,

अचानक हुए इस हमले में युवती को गंभीर चोट आई है, पुलिस ने घटना के 5 दिन बाद सिरफिरे प्रेमी को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार कर लिया है मामला पुलगांव थाना क्षेत्र का है।

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मामले में पुलगांव थाना क्षेत्र के जेवरा सिरसा चौकी की रहने वाली पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी अमन निषाद और वो पिछले 4 सालों से रिलेशनशिप में थे,दोनों के बीच नियमित रूप से बातचीत होती थी।

इसी बीच करीब 2 से 3 महीने पहले आरोपी अमन ने किसी दूसरी लड़की से शादी कर ली,इसकी जानकारी मिलने के बाद पीड़िता ने आरोपी से बातचीत बंद कर दिया था।

घटना वाले दिन याने 24 दिसंबर की रात करीब साढ़े 12 बजे आरोपी अमन निषाद ने पीड़िता को फोन कर कहा कि वह उससे आखिरी बार मिलकर बात करना चाहता है और घर के बाहर आने को कहा, आरोपी की बातों पर विश्वास कर पीड़िता जब अपने घर के बाहर गली में पहुंची, तो वहां पहले से मौजूद अमन निषाद ने उससे शादी करने का दबाव बनाया,पीड़िता ने जब मना किया तो वह उग्र हो गया।

अमन निषाद ने पीड़िता का गला दबाते हुए कहा अगर तुम मेरी नहीं हो सकती तो किसी और की भी नहीं हो सकती। इसके बाद उसने जान से मारने की धमकी देते हुए अपने पास रखे ब्लेड से पीड़िता के गले पर 2-3 बार वार कर दिया,हमले में पीड़िता के गले में गंभीर चोट आई और खून बहने लगा, फिलहाल हालत स्थिर है।

पीड़िता के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके की ओर दौड़े जिससे घबराकर आरोपी वहां से भाग गया,घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ चौकी जेवरा सिरसा में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की।

घटना के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था,पुलिस की लगातार पड़ताल में यह जानकारी सामने आई कि आरोपी नागपुर (महाराष्ट्र) में छिपकर रह रहा है,सूचना मिलते ही दुर्ग पुलिस की एक विशेष टीम नागपुर रवाना हुई, जहां आरोपी की तलाश कर उसे गिरफ्तार कर दुर्ग लाया गया।

पुलिस ने आरोपी को 29 दिसंबर 2025 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।